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Amazon ओर Alibaba जैसी वेबसाइट से खरीद करने के बावजूद भी आप देश के रोजगार और व्यापार बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते है । जानिए कैसे ?

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आजकल ऑनलाइन खरीददारी भी काफी चलन में है । हमारे देश मे भी विश्व की बड़ी से बड़ी वेबसाइट इस क्षेत्र में अपना हाथ आजमा रही है। ग्रोसरी, कपड़े, खाना, दवाइयां, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण , आदि सभी सामान घर बैठे और उचित दामो पर उपलब्ध है बस आपके पास एक फोन या लैपटॉप ओर एक इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए बिना भीड़ भाड़ में जाये जाम ओर पार्किंग के झंझट से बचते हुए ।
देश मे आजकल कुछ इस तरह की बाते भी जोर शोर से चल रही है कि देश मे स्थानीय बाजार में मंदी का कारण ऑनलाइन खरीद में इजाफा है।

परंतु ये सच नही है कुछ प्रमुख कारण ये है|

1 ऑनलाइन बिकने वाले सामान अधिकतर देश मे ही बने होते है जिससे रोजगार सृजन होता है
2 ऑनलाइन बाजार की वजह से भी लाखों रोज़गार का सृजन हुआ है जैसे वेब डिज़ाइनर , वेब डवलपर, डेटा एंट्री, कंटेंट राइटर, डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट, ब्लॉगर, इत्यादि
3 जोमाटो , स्वीगी जैसी कपनियों ने छोटे रेस्टोरेंट में जान सी फूक दी है और देश मे लाखो रोजगार सृजित किये है डिलीवरी बॉयज के रूप में।
कुछ चर्चा ये भी है कि ये कंपनी देश से पैसा कमाकर विदेश ले जा रही है । बात कुछ हद तक सही भी है । आपको अब बताते चले कि आप इन कंपनियों से ऑनलाइन खरीद के बावजूद इनके मुनाफे के पैसों का कुछ हिस्सा देश के छोटे स्टार्टअप को।उपलब्ध करा सकते हो

उसके लिए क्या करना है आपको बताते चले |इन बड़ी कंपनी के app आजकल डाउनलोड हुए आते है फ़ोन में । ये इनके द्वारा की गई मार्केटिंग का बड़ा हिस्सा है । इनके app से खरीदा गया सामान का पूर्ण मुनाफा इन्हें ही मिलता है । आप सीधे इनके app से सामान खरीदने की बजाय एफिलिएट वेबसाइट्स से सामान ख़रीदे जो कि अधिकांश स्वदेशी है और देश के काफी रोजगार का सृजन करती है अगर आप लोग इन वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन खरीद करेंगें तो मुनाफे का कुछ हिस्सा इन स्टार्टअप वेबसाइटों को भी मिलेगा।

कुछ प्रमुख वेबसाइट निम्नलिखित है

1 Gopaisa

Gopaisa की स्थापना 2012 में नोएडा निवासी अमन जैन और अंकिता जैन ने की जो कि कई उच्च वेबसाईट से खरीद पर छूट प्रदान करता है

2 Cashkaro

Cashkaro की स्थापना स्वाति और रोहन भार्गव द्वारा 2013 में की गई जो की कैशबैक और कूपन के छेत्र में अग्रणी साइट में से एक साइट है।

3 Apkaabazar

Apkaabazar उत्तराखंड स्थित शहर हरिद्वार में रहने वाले आशीष शर्मा , सृष्टि शर्मा द्वारा 2017 में स्थापित किया गया था। यह वेबसाइट 200 से अधिक उच्च वेबसाइट पर ख़रीदे गए उत्पादों पर छूट प्रदान करता है और अपने छेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है |

4 Coupon Duniya

Couponduniya की स्थापना 2010 मुम्बई में हुई ये अपनेआप में इस छेत्र की शुरुआती वेबसाइट में से एक है जो कि कई उच्च वेबसाइट से खरीद पर छूट उपलब्ध करवाती है|

5 Grabon

Grabon दक्षिण भारत की छूट प्रदान करने वाली उच्च वेबसाइट में से एक है जिसके स्थापना प्रसन्ना राजू ने 2013 में की थी|

6 Mytokri

MyTokri की स्थापना 2012 में राजस्थान निवासी एक पूर्व इंजीनिअर द्वारा की गई यह भी कई उच्च स्टोर्स से की गई खरीद पर छूट उपलब्ध करवाते है

7 couponzguru

CouponzGuru की स्थापना 2011 में विकाश खेतान द्वारा की गई थी। ये कई उच्च स्टोर्स पर खरीद के लिए छूट उपलब्ध करवाते है

8 FreeCouponIndia

2015 में सिंटू खेमका द्वारा स्थापित, यह निश्चित रूप से किसी भी ऑनलाइन खरीद से पहले विज़िट की जाने वाली डिस्काउंट कूपन वेबसाइट है।

9 CouponDekho

नवनीत कुमार सिंह द्वारा स्थापित, CouponDekho एक स्टैंड आउट कूपन सूची और एक उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस प्रदान करता है जो अधिकांश उपकरणों के साथ संगत है। इसे अमेरिका में सैन फ्रान्सिस्को से होस्ट किया जाता है।

10 Coupon Raja

Couponraja 2011 में प्रसाद शेजले द्वारा स्थापित किया गया था। भारत में ऑनलाइन कूपन के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक है। यह स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, Myntra, Jabong और जैसी वेबसाइटों से खरीदे गए उत्पादों पर छूट प्रदान करता है। 70% तक की छूट और अधिक प्रदान की जाती है।

 

आजकल हर व्यक्ति सुविधा को प्राथमिकता देता है उसको अगर उसकी जरूरत का सामान घर बैठे और उचित दामो पर उपलब्ध हो जाये तो इससे अच्छा और कुछ नही। स्थानीय व्यापारी भी अपने ग्राहकों को होम डिलीवरी देकर अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते है। अपने उत्पाद को ऑनलाइन वेबसाइट पर लिस्ट कराकर भी अपने उत्पाद की बिक्री में बढ़ावा कर सकते है

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प्रदेश के सात लाख बच्चों को दूध पिलायेगी त्रिवेंद्र सरकार,इस योजना की हुई शुरुआत

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. रायपुर रोड, देहरादून में उत्तराखण्ड सहकारी डेरी फेडरेशन एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में माध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना का शुभारम्भ किया। इस योजना का शुभारम्भ स्कूली बच्चों को दूध पिलाकर किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कुमाऊँनी एवं गढ़वाली भाषा की कक्षा 1 से 5 तक की पुस्तकों का लोकार्पण एवं कुमाऊँनी-गढ़वाली-जौनसारी शब्दकोष का विमोचन किया। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कक्षा 6 से कक्षा 08 तक के लिए एनसीईआरटी की ई बुक्स को लॉच किया गया, 5 स्कूलों के लिए के-यान डिवाइस का वितरण एवं संपर्क फाउण्डेशन द्वारा स्कूलों के लिए बनाई गई एडवांस्ड इंग्लिश किट का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा संचालित राज्य समेकित सहकारी समिति के 5 सदस्यों को दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित किये जाने हेतु ऋण एंव अनुदान के चेक वितरित किये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में ऑचल व अमूल के मध्य हुए एमओयू का शुभारम्भ किया गया एवं बद्री गाय के घी विक्रय के लिए हिमालयन बास्केट प्रा. लि. तथा चंपावत दुग्ध संघ के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी में बच्चों को सप्ताह में चार दिन दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। अब स्कूलों में भी पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सप्ताह में एक दिन दूध उपलब्ध कराया जायेगा। इस योजना को और आगे बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के नौनिहालों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उनकी प्रतिभाओं को उभारने की जरूरत है। ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए कक्षा 6 से 12वीं तक जयहरीखाल में आवासीय विद्यालय खोला जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली बच्चों को आगे लाया जाय। इस बार के वित्तीय बजट में ऐसे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री इनोवेशन फंड बनाया गया है। देश को जानो योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में टॉप 25 स्थानों पर आने वाले विद्यार्थियों को देशाटन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी भाषा एवं बोलियों का संरक्षण जरूरी है। स्कूली पाठ्यक्रम में स्थानीय बोलियों एवं शब्दकोष का समावेश इस दिशा में सराहनीय प्रयास है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन का जरूर पालन करें। सतर्कता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से अभी तक इस वायरस का कोई पॉजिटिव मामला नहीं आया है, लेकिन हम सभी को सतर्क रहना होगा।

शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि विभिन्न विभागों एवं संगठनों द्वारा स्कूली बच्चों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। शिक्षा विभाग के समक्ष यह चुनौती है कि हम बच्चों को किस प्रकार गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार ईमानदारी एवं पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रही है।

उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ऑचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी में 01 लाख 72 हजार बच्चों को सप्ताह में चार दिन दूध दिया जा रहा है। अब 17045 स्कूलों के 06 लाख 90 हजार बच्चों को सप्ताह में एक बार दूध दिया जायेगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा संचालित राज्य सहकारी विकास योजनान्तर्गत दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों को 20 हजार दुधारू पशु क्रय किये जाने के लिए एनसीडीसी से ऋण व अनुदान दिया जायेगा।

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अजब प्रेम कहानी-क्या बच्चें को बेच कर अपने पति को बचायेगी प्रेमिका

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हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाप पंचायतों के उटपटांग फरमान पर देश की सर्वोच्च अदालत रोक लगा चुकी है। उत्तराखंड में खाप पंचायतें वजूद में भी नहीं हैं। लेकिन प्रेमिका से पत्नी और फिर एक बच्चे की मां बनी एक लाचार व मजबूर लड़की के लिए उसका खुद आ परिवार और ससुराल खाप पंचायत बन चुका है।

बेटे के प्रेम विवाह से नाराज़ परिवार ने बहु को यह फरमान सुनाया है कि वह अपने मासूम बच्चे को बेचकर उनके बेटे को जेल से छुड़ाकर लाए। यह कहानी है पढ़े लिखे लोगों का शहर कहे जाने वाले रुड़की से सटे एक गांव की लड़की की। प्यार की खातिर पहले तो प्रेमी जोड़े को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। बाद में रही कसर पुलिस ने प्रेमी को किसी मामले में जेल भेजकर पूरी कर दी। अब हालात यह है कि प्रेमिका अपने पति को जेल से छुड़ाने के लिए और अपने हक़ के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

दरअसल मामला रुड़की से सटे गाँव पनियाला का है जहां लगभग सालभर पूर्व एक प्रेमी और प्रेमिका ने घर से भागकर कोर्टमैरिज कर शादी कर ली थी, जिसके बाद दोनों के परिवारों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था, उसके बाद दोनों पति पत्नी रुड़की में ही किराया के मकान में रहने लगे। शादी के लगभग तीन माह बाद पति को रुड़की पुलिस ने किसी मामले में जेल भेज दिया, और यहां से शुरू हुई लड़की के इम्तेहान की घड़ी, पीड़ित युवती ने बताया कि जिस समय पुलिस ने उसके पति को जेल भेजा उस समय वह प्रेग्नेंट थी।

पति के जेल जाने के बाद कोई सहारा ना होने के कारण उसने एक प्राइवेट कम्पनी में काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब डिलीवरी की समय आया तो युवती के पास कोई अपना नही था, युवती रुड़की के सरकारी अस्पताल पहुँची जहां ऑपरेशन के बाद युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद जब युवती को अस्पताल से छुट्टी मिली तो युवती अपने बच्चे को लेकर ससुराल पहुँची और पूरा माज़रा बताया, लेकिन ससुरियालो का दिल नही पसीजा, युवती के अनुसार उसे कहा गया कि बच्चे को बेचकर अपने पति को जेल से छुड़ाए

तब उसकी बात सुनी जाएगी, साथ ही उसके साथ गाली गलौच और मारपीट भी की गयी। पीड़ित युवती ने अपनी दर्दभरी दास्तां स्थानीय पुलिस और महिला हेल्पलाइन जाकर भी सुनाई लेकिन यहां से भी युवती को खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा। किस्मत और हालात की मारी युवती को एक महिलाओं के सामाजिक संगठन की जानकारी लगी तो युवती मदद की गुहार लेकर संगठन में जा पहुँची, जहां संगठन की पदाधिकारी ने उक्त युवती को भरपूर सहयोग का आश्वासन देते हुए फिलहाल अपने रख लिया।

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महिला दिवस पर खास-उत्तराखंड की महिलाओं ने दिया होली पर ये खास तोहफा,रसोई के सामान से बना डाले हर्बल रंग

रंगों के पर्व होली का आगाज हो चुका है. सरोवर नगरी नैनीताल में भी इसकी तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं. वर्तमान में होली पर केमिकल युक्त रंगों का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है. इससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है. यदि हर्बल रंगों से होली खेली जाए तो पर्व का आनंद कुछ और ही होता है. अभी भी अनेक जगह हर्बल रंगों का प्रयोग होता है.

इन दिनों सरोवर नगरी नैनीताल में भी महिलाएं इको फ्रेंडली, हर्बल रंग बनाने में जुटी हुई हैं, जिससे होली के दौरान इन रंगों का प्रयोग हो सके और लोगों को किसी प्रकार की त्वचा रोग या अन्य प्रकार की बीमारियों का सामना करना न पड़े. हर्बल रंग बना रही महिलाएं आटा, अरारोट, मक्के का आटा, खाने में प्रयोग होने वाला रंग और इत्र समेत फूलों को पीसकर तैयार करती हैं, जिससे इस होली को हर्बल और इको फ्रेंडली बनाया जा सके।

हर्बल रंग तैयार कर रही महिला किरन तिवारी का कहना है कि उन्हें अचानक रंग बनाने की तरकीब सूझी. उन्होंने एक किलो रंग बनाने के बाद अपनी तरकीब दूसरी महिला मित्र नायला खान से साझा की. इसके बाद दोनों ने मिलकर करीब 10 किलो रंग तैयार किया। रंग की गुणवत्ता और उसके औषधीय गुणों को देखकर उनका रंग तेजी से चर्चाओं में आने लगा. अब इन महिलाओं ने करीब 100 किलो से ज्यादा रंग तैयार कर लिया है, जिसकी मांग नैनीताल ही नहीं बल्कि हल्द्वानी, दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई समेत कई अन्य महानगरों में हो रही है।

जहां आज देश में एक ओर सीएए और एनआरसी को लेकर विवाद मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर नैनीताल में मुस्लिम परिवार ने सर्व धर्म एकता की अनूठी मिसाल पेश की है. नैनीताल के ये मुस्लिम परिवार होली के लिए हर्बल रंग तैयार कर रहा है, मुस्लिम महिला नायला का कहना है कि उनको उनकी दोस्त ने रंग बनाने की विधि के बारे में बताया।

उन्होंने हर्बल रंग बनाने का बीड़ा उठाया और आज उनका रंग नैनीताल समेत पूरे देश में धूम मचा रहा है.वहीं, नायला ने बताया कि वो नैनीताल में ही पली बढ़ी और उनको उत्तराखंड की लोक संस्कृति बेहद पसंद है. उत्तराखंड की लुप्त हो रही संस्कृति को बचाने का प्रयास कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ी को उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराया जा सके.।

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बेमौसम बारिश ने ढा दिया कहर – कैसे मनाए होली

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हर में फल, सब्जी और अनाज के बढ़ते दामो से आमजन परेशान है और किसान गांव में दाम न मिलने से परेशान है। शहर में जो मौसम खुशनुमा है, वही गांवों में मौतनुमा है। एक खेत आपके लिए प्लॉट हो सकता है, लेकिन किसान के लिए पूरे जीवन और साल का खाता है।

कभी आप खुले आसमान के नीचे अपनी कमाई रख कर देखिये रात भर नींद नहीं आएगी। सोचिए किसान पर क्या गुज़रती होगी। एक ज़रा सी बेमौसम बूंदाबांदी पर वह दहल जाता है। बर्बाद तो वह तब भी होता है, जब बारिश नहीं आती है।

मार्च महीने की शुरुआत में लगातार हुई बारिश आंधी और ओले ने लाखों हेक्टेयर फसलों को बर्बाद कर दिया है। सरकार तो इसकी भरपाई आयात से कर लेगी मगर किसान क्या करेगा। रबी की फसलों ने किसान कोकई साल के लिए ग़रीब बना दिया है। गेहूं, सरसो, मक्का, आलू, मटर, आदि ये सब रबी की फसलें हैं।

 

आपको बता दे बेमौसम बारिश के कहर से रबी की फसलें बुरी से प्रभावित हुई है। इससे किसानों के साल भर की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चना, गेहूं, अलसी, मसूर, सरसों, धनिया जैसी फसलें बर्बादी के कगार पर है। मार्च माह के शुरुआत से ही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढाना शुरू कर दिया था।

लगातार हुई बारिश ने किसानों की फसलो की कमर तोड़ कर रख दी है। इस बारिश ने रबी फसल को पूरी तरह अपने चपेट में ले लिया। पीड़ित किसानों ने बताया कि बड़े जतन से फसलों को तैयार किया था और इसमें फूल भी लग चुका था।

लेकिन इस बारिश ने सब खराब कर दिया। फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है और जितनी जमापूंजी उन्होंने फसलों में लगाया थी वह सब डूब चुकी है। किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है, किसानों का कहना है की सरकार मुआवजा देकर किसानों की परेशानियों को दूर करे ताकि समय रहते किसान दोबारा फसलों को तैयार कर सके।

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उत्तराखंड में कोरोना वायरस को लेकर डरने की जरुरत नहीं,सरकार ने की है ये खास व्यवस्था

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कोरोना वायरस को लेकर उत्तराखंड में जो तैयारीयां की गयी है वह पूरे देश में सबसे बेहतर हैं। यह मानना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। शनिवार को कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश सभी जिलाधिकारीयों से विडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारीयों का जायजा लिया। उन्होने कहा कि इसको लेकर पूरे प्रदेश में पांच आइसोलेशन वार्ड बनाये गये हैं। इसके अलावा अफवाहो पर रोक लगाने के लिए प्रचार प्रसार करने के निर्देश जारी किये गये हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोरोना वायरस से निपटने हेतु राज्य स्तर पर की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कोरोना वायरस से निपटने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना, प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं पैरामेडिक स्टाफ सहित आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था करने निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध मरीजों के स्थानांतरण हेतु डेडिकेटेड एम्बुलेंस और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

अफवाहों को रोकने हेतु लगातार किया जाए सूचनाओं का आदान प्रदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव एवं जागरूकता हेतु प्रदेशभर में चलायी जा रही वर्चुअल क्लासिस एवं विश्वविद्यालयों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु जारी एडवायजरी का प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने हेतु सभी विभागाध्यक्षों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अफवाहों को रोकने हेतु लगातार मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा जिला सूचना कार्यालयों के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सैनेटाईजर एवं मास्क आदि की ओवर रेटिंग एवं कालाबाजारी न होने पाए, इसके लिए भी व्यवस्थाएं बनायी जाएं। कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग को रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार की जाए स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने चीन एवं नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु संदिग्ध रोगी या किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति की सूचना मिलने पर राज्य एवं जनपद स्तर पर रेपिड रिस्पान्स टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यथाशीघ्र शासन को अवगत कराया जाए, ताकि समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनायी जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को चम्पावत में पूर्णागिरी के मेले के अवसर पर अतिरिक्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नितेश झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कोरोना वायरस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रदेशभर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडो-नेपाल बॉर्डर एवं एयरपोर्ट्स पर लगातार स्क्रीनिंग एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। जिनमें अभी तक कोई भी सस्पैक्टेड केस नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे सम्बन्धित किसी भी प्रकार की जानकारी देने अथवा लेने हेतु इन्टीग्रेटेड हेल्पलाईन नम्बर 104 पर सम्पर्क किया जा सकता है। राज्य के समस्त जनपदों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु संचालित गतिविधियों के संचालन एवं अनुश्रवण हेतु जिला अधिकारियों को नोडल ऑफिसर नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में आईसोलेटेड बेड्स की व्यवस्था कर ली गयी है।

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गैरसैंण में बजट सत्र हुआ स्थगित,अब 25 मार्च को दोबारा चलेगा सदन

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भराड़ीसैंण उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आहुत उत्तराखण्ड विधान सभा का बजट सत्र आज 25 मार्च, पूर्वहान 11 बजे तक के लिये स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र 25 मार्च को तीन दिन के लिए पुनः समवेत होगा।विधान सभा अध्यक्ष ने सदस्यों का धन्यवाद किया। अग्रवाल ने कहा कि 3 मार्च से 7 मार्च तक के पॉच दिन का सत्र अभी तक 22 घण्टे 36 मिनट तक चला।

कहा है कि गैरसैण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने पर यह सत्र ऐतिहासिक रहा। साथ ही बर्फबारी होने के कारण तमाम व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित करने पर श्री अग्रवाल ने सभी अधिकारी कर्मचारी कर्मचारियों सहित पुलिस प्रशासन का आभार प्रकट किया ।

महिला दिवस की शुभकामना…….
उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

विधान सभा अध्यक्ष ने आज अपने संदेश में कहा कि आज देश और दुनिया में महिलाएं अपने अद्भुत आत्मबल, दृढ़ इच्छा-शक्ति और संकल्प के साथ हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं

विधान सभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान सदन की कार्यवाहियों से अवगत करते हुए जानकारी दी:-

नो विधेयकों पर लगी मुहर…..

विधेयक
1.यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की विधेयक 2020

2.ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय (संशोधन)विधेयक 2020

3. उत्तराखंड (संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम 1910) (संशोधन) विधेयक 2020

4.उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959)(संशोधन) विधेयक 2020

5.उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916)( संशोधन) विधेयक 2020

6.उत्तराखंड साक्षी संरक्षण विधेयक 2020

7.उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2020

8.उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद अधिनियम 1995)(संशोधन) विधेयक 2020

9.उत्तराखंड उपकर (संशोधन) विधेयक 2020

सदन में आये प्रश्न……

कुल प्राप्त तारांकित/ अतारांकित/ अल्प सूचित- 716
तारांकित प्रश्न स्वीकार- 241, उत्तरित- 46
अतारांकित प्रश्न स्वीकार- 362,उत्तरित- 70
अल्प सूचित प्रश्न स्वीकार-7, उतरित- 2
अस्वीकार/ निरस्त प्रश्न-36
विचाराधीन तारांकित/ अतारांकित/ अल्प सूचित- 70

कुल याचिकाऐं- प्राप्त- 27 स्वीकृत- 26

नियम-300 की प्राप्त सूचनाऐं-84, स्वीकृत- 28, ध्यानाकर्षण -28

नियम-53 की प्राप्त सूचनाऐं-70 जिनमें
08 केवल वक्तव्य, 08 वक्तव्य, 8 ध्यानाकर्षण के लिए रखी गयी।

नियम-58 की प्राप्त सूचनाऐं-46, स्वीकृत-18

नियम 310 – प्राप्त सूचना -01, स्वीकृत- 1(नियम 58 में)

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उत्तराखंड परिवहन की बस में अचानक लगी आग, 45 लोगों की जान पर बन आई थी बात

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उत्तराखंड परिवहन की बसो में आग लगने का सिलसिला है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात रुड़की में भी उत्तराखंड परिवहन की एक बस में अचानक आग लग गई। उस समय बस में 45 लोग सवार थे। इससे पहले भी हरिद्वार देहरादून रोड में बस में अचानक से आग लग गई थी जिससे 35 लोगों की जान पर बन आई थी। आप को बता दे कि इससे पहले निगम की नई बसों में आई खराबी के चलते निगम चर्चा में रहा था।

देहरादून से 45 यात्रियों को लेकर रुड़की की ओर आ रही देहरादून डिपो की बस मैं अचानक भगवानपुर के खानपुर चौक के नजदीक पहुंचते ही आग लग गई। गनीमत यह रही कि ड्राइवर और कंडक्टर की सूझबूझ से सभी यात्री तुरंत बस से बाहर अपनी जान बचाकर कूद पड़े।

जिसके बाद देखते ही देखते बस में भयंकर आग लगनी शुरू हो गई। आग लगने के बाद आग और धुँआ आसमान को छूने लगा स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई जिसके बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया गया है। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।

बता दें कि देहरादून से रुड़की की ओर आ रही देहरादून डिपो की बस आज जैसे ही देर शाम भगवानपुर के खानपुर चौक के नजदीक पहुंची तो वैसे ही उसमें आग लगनी शुरू हो गई ओर यात्रियों में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।

ड्राइवर और कंडक्टर की सूझबूझ से सभी यात्री बस से बाहर अपनी अपनी जान बचाकर भागने लगे चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे स्थानीय लोग भी बस की ओर दौड़ पड़े और दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी इसी बीच दमकल विभाग और पुलिस ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया पर तब तक आग ज्वालामुखी बन चुकी थी। गनीमत यह रही कि 45 यात्री जिनमें महिलाएं बच्चे बुजुर्ग शामिल थे सभी सकुशल रहे और समय रहते बस से बाहर निकल गए।

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कोर्रोना वाइरस को लेकर बालकृष्ण ने कहा दी बड़ी बात,खबर पढ़ कर मिलेगा सुकून

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कोरॉना वाइरस को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। यह सर्दी जुखाम का ही एक बड़ा रूप है, यह कहना है आचार्य बालकृष्ण का………
इस वर्ष कोरोना वायरस के प्रकोप पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोना वायरस, डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू, सार्स वायरस जनित आदि जो भी संक्रामक रोग हैं इनको भयावह रूप में प्रस्तुत किया जाता है। कोरोना वायरस सर्दी-जुकाम का ही एक बड़ा रूप है। इसके नाम पर भय का वातावरण बनाया जा रहा है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस वर्ष होली पर्व को सादगी से मनाने का आह्नान किया।

पतंजलि योगपीठ स्थित आयुर्वेद भवन में आज फाल्गुनी नवसस्येष्टि यज्ञ का आयोजन कर आचार्य बालकृष्ण महाराज ने समस्त देशवासियों को परम्परागत होली पर्व के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस ऋतु में चारों ओर विविध प्रकार के पुष्प व फसलें तैयार हो जाती हैं। फसलों का यज्ञ में आधान करके फाल्गुनी नवसस्येष्टि का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि होलक का अभिप्राय अर्ध-पक्व अन्न से है। इसे आषाढ़ी नवसस्येष्टि भी कहते हैं।
आचार्य जी ने कहा कि हमारे एक-एक श्वास व कर्म में यज्ञ का भाव समाहित हो जाए, यही होली पर्व की सार्थकता है। उन्होंने पतंजलि विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों तथा कार्यक्रम में उपस्थितजनों को होली पर्व पर अपने-अपने घर में परिवारजनों के साथ यज्ञ करने का आह्वान किया। आचार्य जी ने कहा कि इस वर्ष वैदिक सनातन परम्परा के अनुसार होली मनाएँ। जो कार्य करणीय हैं उन्हें अपनाएँ तथा जो त्याज्य हैं उनका त्याग करें। उन्होंने कहा कि हम सात्विक परम्परा का निर्वहन करते हुए उत्सवों को इस रूप में मनाएँ कि हमारे जीवन में उत्साह भर जाए तथा हमारे लिए हर क्षण, हर दिन और पूरा जीवन ही उत्सव बन जाए। ऋषि संस्कृति का संवाहक आपको और हमें ही बनना होगा।
इस अवसर पर श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि आजकल होली पर्व पर विभिन्न रसायनयुक्त रंगों व नशे का प्रचलन बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। होली पर्व पर प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। आचार्य जी ने कहा कि नशा जीवन को बर्बाद कर देता है। हमारी ऋषि संस्कृति में सभी त्यौहार परम पवित्र व कल्याणकारी हैं। उन्हें नशा व प्रदूषण से मुक्त रखना हमारा परम दायित्व है।

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बर्फबारी के बीच गैरसैण में सदन में चली कार्यवाही, विपक्ष ने सरकार को घेरा

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गैरसैंण में हो रही जमकर बर्फ बारी…..

गाड़ियो की आवाजाही में हो रही बड़ी दिक्कत।

4-5 इंच मोटी बर्फ की चादर से ढक गया पूरा भराड़ीसैण।

विधानसभा का सत्र चल रहा भारी ठण्ड के बीच।

भराड़ीसैण में दोपहर से हो रही बर्फ़बारी के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है।
बर्फ़बारी के बीच चल रहा है सत्र।
मंत्री, विधायक व कर्मचारी तथा बाहर से आये लोग ले रहे है जमकर बर्फ़बारी का मजा।

सदन में कोरोना का मुद्दा

में कोरोना के खतरे का मुद्दा उठाया विपक्ष ने

विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि कोरोना एक बड़ा खतरा बन रहा है

सरकार से विपक्ष ने पूछा कि खतरे से निपटने की क्या तैयारी है

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार कदम उठा रही है

सीएम त्रिवेंद्र रावत भी तैयारियों की समीक्षा करेंगे अफसरों से-कौशिक

कोरोना से पीड़ित कोई केस पॉज़िटिव नहीं है उत्तराखंड में-कौशिक

लेकिन सरकार कोरोना के संभावित खतरे को लेकर पूरी संवेदनशील है-कौशिक

 

बजट पर धन्य वाद प्रस्ताव
बजट सत्र सदन के चौथे दिन धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा व
पारण तथा विधायी कार्य निपटाये गये l

बितीय बर्ष 2020-21 के आय ब्ययक प्रस्तावो पर सामान्य चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को गैरसैंण में पेशावर कांड के नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सैनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

विपक्ष का वॉक ओवर

सदन में विपक्ष ने महगांई के मुद्दे पर किया वॉक आउट ,,,कल भी हुआ था वॉक आउट,,,

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हिर्देश ने संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक से सही जवाब न मिलने के कारण विपक्ष ने किया वॉक आउट

इंदिरा हिर्देश ने मदन कौशिक से पूछा था कि आप बताएं महंगाई है या नहीं,,मदन कौशिक सही जवाब न दे पाए

महंगाई पर गिरी सरकार

नियम 58 के तहत विपक्ष ने सदन में उठाया महंगाई का मुद्दा

उत्तराखंड में सफर महंगा होने का उठाया मुदा

गैस के दामो में वृद्धि को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा

385 का सिलेंडर 900 रुपये का हो गया

शिक्षा और स्वास्थ्य को भी महंगा कर दिया गया है l

कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह का बयान

प्रदेश में सरकार शराब सस्ती करने जा रही है लेकिन आम जनता से जुड़ी वस्तुएं महंगी हो रही है

कांग्रेस विधायक हरीश धामी का बयान

मेरे विधानसभा छेत्र में 2 हजार रुपये में सिलेंडर मिल रहा है

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उत्तराखंड सहित देश के इलाकों में मौसम खेल सकता है आंख मिचौली

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए प्रदेश में आज से 4 दिन बारिश,बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है वही मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए अलर्ट रहने के भी निर्देश दिए है।

वही राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है। वही बता दे कि बुधवार देर रात से ही देहरादून सहित राज्य के अधिकतर इलाकों में बारिश हुई जिसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में दोपहर बाद मौसम रंग बदलने लगा और शाम होते-होते आसमान में बादल घिरने लगे। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को राजधानी सहित आसपास के इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। जबकि, ऊंची चोटियों में हिमपात की संभावना है।

शुक्रवार को भी मौसम के तेवर तल्ख रहने के आसार हैं। यही नहीं इसी खराब मौसम को देखते हुए गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र के भी शुक्रवार तक चलने के आसार जताये जा रहे हैं। हांलाकि अभी तक इस खबर पर किसी तरह की कोई पुष्टी नहीं हो पायी हैं।

बुधवार को ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा था। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के आसपास ऊंची पहाडियों पर बर्फबारी हुई। हालांकि, निचले इलाकों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग के अनुसार देर रात से मौसम के और खराब होने की आशंका है। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।

बुधवार दोपहर तक प्रदेश में धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद आसमान में बादल छा गए। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की पहाडिय़ों के साथ ही हेमकुंड साहिब में बर्फबारी का सिलसिला बना हुआ है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश में कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड ही नहीं दिल्ली और एनसीआर में भी शुक्रवार को बारिश की संभावना जताई गयी हैं। माना ये जा रहा है कि देश के अधिकतम इलाकों में अगले दो दिन भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

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