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डीएम ने अधिकारी और ठेकेदार पर की कार्यवाही, सिंचाई के इस निर्माण को लेकर बड़ा एक्शन

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हल्द्वानी भारी वर्षा के कारण गौला नदी में अत्यधिक पानी आने से बैराज में बने अस्थायी तटबन्ध ध्वस्त हो गया। जिससे शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गयी। जानकारी मिलने पर सोमवार की सुबह बसंल ने गौला बैराज पहुचकर स्थिति का जायजा लिया, मौके पर अव्यवस्थाओ को लेकर जिलाधिकारी खासे नाराज हुये।

निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि सारी लापरवाही के लिए दोषी सिचाई महकमा है। उन्होने अधिशासी अभियन्ता सिचाई तरूण बंसल की लचर कार्य प्रणाली एवं शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही तथा बिना अनुमति से मुख्यालय से गायब रहने को गम्भीरता से संज्ञान मे लेते हुये उनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 के तहत तरूण बंसल को बुक किया, साथ ही गोला बैराज में राज्य योजना से लगभग 5 करोड़ के सुधारीकरण कार्य कर रहे ठेकेदार घनश्याम तिवारी द्वारा लापरवाही बरतने एवं कार्य स्थल पर श्रमिक तैनात न करने पर ठेकेदार पर 1.50 लाख रूपये के जुर्माना मौके पर ही लगाया। वहीं तरूण बंसल को चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पुनरावृत्ति हुई तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही निलम्बन की कार्यवाही भी अमल में लायी जायेगी।
जिलाधिकारी बंसल ने निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता सिंचाई को सोमवार की सांय 4 बजे तक गोला बैराज अस्थायी तटबन्ध ठीक कर हल्द्वानी की पेयजल व्यवस्था सुचारू करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गोला बैराज तटबन्ध टूटने से शहर की पेयजल व्यवस्था बाधित होने पर जल संस्थान द्वारा टैंकरों एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल आपूर्ति पर हुए व्यय का भुगतान सिंचाई विभाग द्वारा किया जायेगा, इस धनराशि का भुगतान जिला योजना व अन्य मदों से नहीं किया जायेगा।

बंसल ने कहा कि वर्षा के दौरान ठैकेदार के कर्मचारी मौके पर मौजूद होकर स्वयं ही तटबन्ध काट देते ताकि पानी की निकासी सही से हो जाती तो बाढ़ की स्थिति नहीं आती और न ही पेयजल आपूर्ति बाधित होती। उन्होंने मौके पर ठेकेदार के श्रमिकों, मशीनरी तथा सिंचाई विभाग के साथ किए गए अनुबन्ध आदि की जाॅच करने हेतु सिटी मजिस्ट्रेट व अधीक्षण अभियंता सिंचाई की दो सदस्यीय जाॅच टीम गठित की, साथ ही अनुबन्ध के सभी बिन्दुओं पर जाॅच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ताकि उसके आधार पर भी ठेकेदार पर वास्तविक जुर्माना लगाया जा सके।

जिलाधिकारी ने मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि सांय 4 बजे तक शहर की पेयजल आपूर्ति सुचारू करायें, साथ ही उन्होंने कार्य स्थल पर एक अतिरिक्त पाॅकलैण्ड मशीन लगाने के साथ ही कार्य स्थल पर 24 घण्टे श्रमिक तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल से कार्य करें व सूचनाओं का त्वरित गति से आदान प्रदान करते हुए पहाड़ी क्षेत्रों एवं भीमताल झील से पानी छोड़ने एवं आने की सूचना गोला बैराज को समय से दें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा एवं समस्या से बचा जा सके।

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कैबिनेट के फैसले-प्रदेश में नयी आबकारी निति हुई मंजूर,जानिए क्या है नया इस बार

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उत्तराखंड में नयी आबकारी निति को मंजूरी मिल गयी हैं। शनिवार को उत्तराखंड कैबिनेट ने नयी आबकारी निति पर अपनी मुहर लगा दी हैं। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी। जिनमें गैरसैंण के बजट सत्र और उसमें होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंत्रीमंडल ने अपनी मंजूरी दी।

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति सहित कुल 12 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गयी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गैरसैंण विकास परिषद के अध्यक्ष अब आवास मंत्री होंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन और राजस्व सदस्य होंगे पर भी निर्णय किया गया। वहीं बैठक में मैक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत रक्षा मंत्रालय की एयरोस्पेस नीति को मंजूरी मिली। गैरसैंण में होने वाले बजट के सत्र के चलते इस बार शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक की ओर से ब्रीफिंग नहीं किया गया

कैबिनेट में लिए गये फैसले…..
1- गैरसैंण विकास परिषद के अध्यक्ष अब आवास मंत्री होंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन और राजस्व सदस्य होंगे।
2- नई आबकारी नीति को मंजूरी। लाॅटरी से होगा दुकानों का आवंटन। 3600 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य। डीएम करेंगे आवंटन। तीन साल के लिए बार का मिलेगा लाइसेंस।
3- जल निगम और जल संस्थान के एकीकरण को लेकर समिति का गठन होगा। मंत्री सुबोध उनियाल समिति के अध्यक्ष होंगे।
4- परिवहन के ढांचे में बदलाव विभाग में 116 नए पदों को मंजूरी।
5- 53,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट होगा। यह पहले से 10 प्रतिशत ज्यादा होगा।
6- उत्तराखंड नदी तटीय विकास प्राधिकरण को समाप्त करने पर सहमति।
7-स्वास्थ्य विभाग की दो नियमवली को मंजूरी।
8- हरिद्वार में एक धर्मशाला का लैंड यूज आवासीय करने पर सहमति।
9- राज्पाल के अभिभाषण को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
10- राज्य योजना आयोग में 123 पदों को मंजूरी, युवा आयोग भी होगा राज्य योजना आयोग में शामिल।
11-मैक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत रक्षा मंत्रालय की एयरोस्पेस नीति को मंजूरी मिली।
12- आबकारी विभाग के एक्ट में संशोधन। सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक दृष्टि से सरकार जहां चाहे वहां मधनिषेध को बंद कर सकती है।

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सड़को के खस्ताहाल से परेशान उत्तराखंड में चलेगी तेजस ट्रेन,ये रहेगा रुट

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उत्तराखंड में लोग भले ही सड़को की खस्ताहाल होने से परेशान क्यों न हो लेकिन डबल इंजन की सरकार आपके लिए समस्त आधुनिक सुविधाओं से युक्त तेजस ट्रेन का रुट लाने की तैयारी कर रही हैं। केंद्रीय रेल मंत्री से मिले सीएम त्रिवेंद्र को इसकी सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उत्तराखण्ड की रेल परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर नई दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून के लिए समस्त आधुनिक सुविधाओं से युक्त तेजस ट्रेन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। पाथ-वे उपलब्ध होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। उत्तराखण्ड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम दिखने लगा है। इसके लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा की जानी चाहिए। हमें दूसरे राज्यों में जो समस्याएं आती है, उत्तराखण्ड में नहीं आई। पूरा प्रयास रहेगा कि अगले ढ़ाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचा दी जाए।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में इनोवेटिव काम किया जाएगा। वर्ष 2021 मे हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेले के लिए रेलवे विभाग, प्रयागराज की भांति ही पूरी तैयारी करेगा। देहरादून, हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवम्बर तक कर दिया जाएगा। जल्द ही रेलवे के उच्च अधिकारियों के दल को उत्तराखण्ड भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से सम्भावित यातायात के लिए मजबूत तंत्र जरूरी

इससे पूर्व बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना की वर्तमान प्रगति से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 126 किमी0 लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के अन्तर्गत फॉरेस्ट लैंड को नॉन फॉरेस्ट लैंड में परिवर्तन को स्वीकृति मिल गयी है। उन्होंने कहा कि 167 हेक्टेयर प्राईवेट रेवेन्यू लैंड का अधिग्रहण कर लिया गया है। परियोजना के लिए जियो टैक्नीकल इन्वेस्टीगेशन भी पूर्ण हो गयी है। इसके अन्तर्गत एक आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) एवं एक आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) को तैयार कर लिया गया है, जिन्हें नियमित यातायात के लिए खोल दिया गया है।

रूड़की-देवबंद रेल परियोजना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने रेल मंत्री श्री पियूष गोयल को अवगत कराया कि देवबन्द-रूड़की रेल लाईन परियोजना को विशेष रेल प्रोजेक्ट का दर्जा प्रदान किया गया है। उक्त योजना को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में 50ः50 प्रतिशत के रेलवे एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अंशदान के रूप में स्वीकृत दी गयी है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा परियोजना हेतु राज्य सरकार का अंशदान के रूप में वर्तमान तक कुल रू0 261.61 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा अब तक अवमुक्त धनराशि को पर्याप्त मानते हुए परियोजना की अवशेष धनराशि का वित्त पोषण रेल मंत्रालय अथवा भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुरोध किया।

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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

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प्रयागराज में महाशिवरात्रि……
आज महाशिवरात्रि पर्व है तो इस मौके पर हम आपको एक ऐसे चमत्कारिक शिवलिंग के दर्शन करने जा रहे हैं जिसकी महिमा दूर- दूर तक फैली है खास बात यह है कि इस शिवलिंग की स्थापना पाण्डवों द्वारा की गई थी जब वह अज्ञातवास पर थे यूं तो प्रयागराज क्षेत्र ही तीर्थों का राजा है पड़िला महादेव के नाम से प्रसिद्ध है जिसे पांडेश्वर नाथ धाम के नाम से जाना जाता है शिवलिंग स्थापना को लेकर ऐसी मान्यता है कि अगर लगातार 40 दिन तक पांडेश्वर नाथ धाम में भगवान शिव का दर्शन किया जाए तो दर्शन करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं यहा ऐसे शिवालय हैं जहां महाशिवरात्रि पर निशान के रूप में ध्वज लेकर लोग दूर-दूर से नाचते गाते हुए आते हैं यहां शिवलिंग में भक्त शिवजी के मानों साक्षात दर्शन पाते हों पांडेश्वरनाथ धाम में दिन भर में तीन बार शिवलिंग का रंग बदलता है सुबह हरा,दोपहर में भूरा और रात में काले रंग का नजर आता है.यहां भक्तों की मांगी गई मनौती भी पूरी होती है
दक्षेश्वर महादेव मंदिर

आज महाशिवरात्रि का पर्व है। शिवरात्रि पर शिव भक्तों की भीड़ मंदिरों में उमड़ रही है। हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह चार बजे से भगवान शंकर के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। बारिश के बावजूद भी मंदिरों में खासी भीड़ भाड़ नजर आई। दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव की ससुराल कहा जाता है। मान्यता है कि शिवरात्रि पर भगवान शंकर स्वयं मंदिर में विराजमान रहते हैं। इसीलिए दूर-दूर से श्रद्धालु दक्षेश्वर महादेव मंदिर पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु दूध जल बेलपत्र आदि भगवान शिव को अर्पण कर रहे हैं।

टपकेश्वर महादेव….
शिवरात्री का महापर्व है ऐसे में राजधानी देहरादून के प्राचीन टपकेश्वर मंदिर में भी शिवभक्तों की सुबह से ही भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी मनोकामना मांगी जाती है भगवान शिव उन सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। यही प्राचनी काल से ऐसी मान्यता है की मंदिर में स्वयं-भू शिवलिंग में द्वापर युग में दूध टपकता था, जो कलयुग में पानी में बदल गया और क्या कुछ मान्यता है इस मंदिर की उसी की जानकारी लेने के लिए हमारे साथ हमारे संवाददाता अशोक कुमार जुड़ चुके हैं। अशोक आपसे जानना चाहेंगे इस मंदिर की और क्या कुछ मान्यता है और किस तरह का उत्साह शिवरात्री को लेकर भक्तों में देखा जा रहा है।

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फिल्म निर्माता अश्वनी अय्यर ऋषिकेश में गंगा आरती देख हुई भावुक

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परमार्थ निकेतन में भारतीय फिल्म निर्माता और लेखक अश्विनी अय्यर तिवारी जी पधारी उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया।
अश्विनी अय्यर तिवारी ने परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती और सत्संग मंे सहभाग किया।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि फिल्मों और लेखन के मााध्यम से लिंग भेद, मानवाधिकार से सम्बंधित विषय, महिला सशक्तिकरण और प्रकृति संरक्षण के विषयों पर ध्यान दिया जाना चाहिये

। स्वामी जी ने कहा कि भूमंडलीकरण और कारपोरेट कल्चर में एक ओर तो नारी सशक्तिकरण और ताकतवर नारी का स्वरूप उभर कर आ रहा है वही दूसरी ओर आज भी नारी की स्थिति चिंताजनक है इस पर व्यापक स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। स्वामी जी ने कहा कि आप फिल्म निर्माता और लेखक है इसलिये फिल्मों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्द्धन का संदेश प्रसारित करे साथ ही इस ओर भी कुछ काम करें तो बड़ी प्रसन्नता होगी।

अश्विनी अय्यर तिवारी जी ने निल बट्टे सन्नाटा, अम्मा कनक्कू, बरेली की बर्फी, पंगा फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें डेब्यू डायरेक्टर और बेस्ट डायरेक्टर के खिताब से नवाजा गया।
स्वामी जी ने पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण, प्लस्टिक कल्चर और प्रदूषित होते जल जल के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि लेखन और पाठ्यक्रम के माध्यम से इन विषयों के प्रति जनमानस को जागरूक करने की जरूरत है क्योंकि प्लास्टिक हमारे जीवन को निगल रहा है।

समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार जिस वेग से प्लास्टिक समुद्र में गिर रहा उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2050 तक वजन के हिसाब से समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक होगा। प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकडे जिनको माइक्रो प्लास्टिक कहा जाता है वे फूड चेन के द्वारा मानव शरीर और पर्यावरण में आ रहे है जिससे कैंसर व अन्य भयावह व्याधियाँ उत्पन्न हो रही है। अतः प्लास्टिक को जीवन से हटाने के लिये अथक प्रयास करने की जरूरत है

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शिव भक्तो के लिए बड़ी खबर, बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की तारीख का हुए ऐलान

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बाबा केदार के कपाट खुलने की तारीख का ऐलान हो गया है। 29 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट भक्तो के लिए खुल जाएंगे। शुक्रवार को सुबह से ही तारीखों के ऐलान को लेकर खास तैयारी की गई थी। सुबह से ही आराध्य की पूजा अर्चना शुरू हो गई थी। जिसके बाद रावल गद्दी परिसर में हक हकुकधरियों , आचार्य ओर बद्री केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मोजुदगी में पंचांग गणना के आधार पर कपाट खुलने की तारीख का ऐलान किया गया।

आपको बता दे की बाबा केदार के कपाट भैया दूज के दिन शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। पूरे धार्मिक विधि विधान से बंद हुए कपाट के बाद बाबा की डोली की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में की गई।

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट 29अप्रैल प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे ‌

पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा आयोजित धार्मिक समारोह में कपाट खुलने की तिथि तय हुई,

मंदिर समिति अध्यक्ष ने की कपाट खुलने की तिथि की घोषणा।

शनिवार 25 अप्रैल को पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा होगी

रविवार 26 अप्रैल को श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी तथा फाटा में रात्रि विश्राम रहेगा।

27 अप्रैल को गौरीकुंड रात्रि विश्राम एवं 28 अप्रैल शाम को भगवान की पंच मुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी।

बुधवार 29 अप्रैल को मेष लग्न में प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

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उत्तराखंड में इस बड़ी परियोजना का हाल जानने सीएम के साथ निकले वी के सिंह

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह ने गुरूवार को चारधाम परियोजना के अन्तर्गत चिन्यालीसौड़, धरासू, जानकीचट्टी, बड़कोट एवं गंगोत्री में भैरवघाटी में हो रहे कार्यों का हवाई निरीक्षण कर जायजा लिया।

हवाई सर्वेक्षण के उपरान्त मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री ने मातली में आई.टी.बी.पी. बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ आगामी चारधाम यात्रा सम्बन्धी कार्यों के बारे में वार्ता की। चारधाम परियोजना के तहत जनपद में हो रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुये जिलाधिकारी डा0 आशीष चौहान ने कहा कि परियोजना के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री  रावत व केन्द्रीय मंत्री द्वारा चारधाम परियोजना के अन्तर्गत सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग का फोटोग्राफ सहित सभी कार्य योजना का अवलोकन किया गया। बी.आर.ओ., राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एन.एच.आई.डी.सी.एल. के अधिकारियों से चार धाम परियोजना के तहत हो रहे कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से वार्ता की।
केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री वी.के. सिंह ने चारधाम परियोजना के तहत किए जा रहे सभी कार्य वर्ष 2021 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले से पहले पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे चारधाम यात्रियों और सहुलियत मिल सकेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सिलक्यारा टनल में जल निकासी  के कार्यों में तेजी लाई जाए, इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने अस्थिर पहाड़ी ढलानों के उचित उपचार के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को पहले की अपेक्षा ओर अधिक सुगम बनाने हेतु कार्य तेजी से किए जाएं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि चारधाम परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्यों को जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा ताकि उत्तराखण्ड में आने वाले देशी व विदेशी पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें। एन.जी.टी. की हाई पावर कमेटी ने अपनी अन्तिम रिपोर्ट सौंपी दी है। जल्द ही उस पर कार्यवाही होगी, ताकि ऑल वेदर रोड निर्माण में रूके हुए कार्य प्रारम्भ हो सकें।

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टिहरी झील के पास भू माफियाओं दुस्साहस नियम ताक पर कर दिया यह काम

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टिहरी- प्रताप नगर ब्लाक के अंतर्गत टिहरी झील के समीप मोटना झिवाली मोटर मार्ग के रोलाकोट के समीप सड़क के किनारे पैराफिट को तोड़कर भू माफियाओं के द्वारा बनाई गई है दुकानें, साथ ही सरकारी जमीनों पर किया जा रहा है कब्जा। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर नहीं हो पाई अभी तक कोई एफ आई आर।

आपको बता दें, टिहरी जिले के प्रतापनगर ब्लाक के अंतर्गत मोटना झिवाली मोटर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग, बौराड़ी के द्वारा सड़क के किनारे सुरक्षा के लिए पैराफिट बनाये गये थे। उन पैराफिट को तोड़कर भू माफियाओं ने सरकारी जमीन पर दुकान बना दी है। भू माफियाओं को देखते हुए आसपास के ग्रामीण भी अब सरकारी जमीन पर कब्जा करने के फिराक में हैं और कई जगहों पर दुकान बनाने के लिए खुदाई भी की गई है।

यह भूमाफिया कोई और नहीं है बल्कि यहां से विस्थापित हो चुके परिवार हैं और उन्हीं के द्वारा यहां पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकानें बनाई जा रही हैं।
इन विस्थापित परिवारो को पूर्व में ही पुनर्वास विभाग टिहरी द्वारा पशुलोक व पथरी में जमीन दे दी गई हैं। लेकिन ये विस्थापित परिवार वहां की जमीनों को किराए पर देकर गांव के पास ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर जमीनों को कब्जा करके दुकानें बनाई जा रही हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह भूमाफिया जिला प्रशासन के नाक के नीचे ही सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बैठे हैं लेकिन इन भूमाफियाओं के खिलाफ अभी तक सरकारी संपत्ति को नुकसान करने के मामले के कोई भी एफआईआर दर्ज नही हो सकी और न ही सरकारी जमीन इन भूमाफियाओं से छुड़ाई गई।

लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले भू माफियाऔं को जिला प्रशासन का कोई भी भय नहीं है

वहीं जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी जमीनों पर जो कब्जे किए जा रहे हैं उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई करें।

 

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उत्तराखंड के इस जिले में विकास योजनाओं की हो रही जांच, टीम का हुआ गठन

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नैनीताल  वित्तीय वर्ष में जिला योजना, राज्य सैक्टर एवं नाबार्ड के अन्तर्गत सिंचाई विभाग व पेयजल निगम द्वारा किये गये कार्यों की जाॅच, भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि कार्यों की जाॅच हेतु मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है जिसमें मुख्य विकास अधिकारी के साथ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व अधीक्षण अभियंता ग्रामीण निर्माण निगम होंगे।

जिलाधिकारी बंसल ने बताया कि जाॅच टीम द्वारा सिंचाई विभाग खण्ड नैनीताल द्वारा जिला योजना मद से रामगढ़ विकासखण्ड में 49 लाख की धनराशि से निर्मित 11 सिंचाई टैंको, विकासखण्ड बेतालघाट में 62.80 लाख की धनराशि से निर्मित रतोड़ा टेल गूल, अपर लैफ्ट कोसी तथा ग्राम च्योनी में सिंचाई टेंक निर्माण, विकासखण्ड कोटाबाग में एससीएसपी मद से 49.10 लाख की धनराशि से धापला नहर के हैड के जीर्णोद्धार कार्य, बेतालघाट में 54 लाख की लागत से 4.90 किमी नहरों के पुनरोद्धार कार्य व विकासखण्ड बेतालघाट के बबास में 48.10 लाख की लागत से सिंचाई गूलों के निर्माण एवं लद्दासी, कटीमी, सेठी भण्डार माईनर के पुनरोद्धार कार्यों की जाॅच एवं वित्तीय व भौतिक सत्यापन किया जायेगा।

बंसल ने बताया कि इसी प्रकार सिंचाई विभाग द्वारा राज्य सैक्टर एवं नाबार्ड योजना से विकासखण्ड कोटाबाग में 295.51 लाख की लागत से कोसी नदी के बायें तट पर ग्राम कुनखेत की बाढ़ सुरक्षा कार्य, विकासखण्ड बेतालघाट के अन्तर्गत 566.91 लाख की लागत से मझेड़ा, पाडली एवं ओजीकुलों में नहरों के पुनरोद्धार एवं ओडावास्कोट में सिंचाई टैंको के निर्माण कार्यों, विकासखण्ड बेतालघाट के अन्तर्गत 232.91 लाख की धनराशि से शिप्रा नदी में कैंची धाम के पास जड़मिला झूला पुल के समीप खैरना-धनियाकोट मोटर मार्ग के अप स्टीम में बाये पाश्र्व पर तथा कोसी नदी में ग्राम आमबाड़ी एवं रौलिया गाॅव की बाढ़ सुरक्षा कार्यों, विकासखण्ड बेतालघाट में ही 826.34 लाख की धनरशि से 62.60 किमी नहरों के पुनरोद्धार एवं 11 सिंचाई टैंको, बेतालघाट विकासखण्ड में 564.38 लाख की लागत से 17.14 किमी लम्बी नहरों के पुनरोद्धार कार्य के साथ ही ओखलकाण्डा व भीमताल विकासखण्डों में 350.09 लाख की धनराशि से 44.09 किमी सिंचाई नहरों के पुनरोद्धार कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक सत्यापन कार्य एवं जाॅच की जायेगी।

जिलाधिकारी बंसल ने बताया कि निर्माण शाखा पेयजल निगम भीमताल द्वारा जिला योजना के अन्तर्गत 134.39 लाख की लागत से बकुलिया सकुलिया (रोडी खत्ता) मिनी नलकूप पेयजल योजना, 148.21 लाख की लागत से मुखानी ओमविहार के पास मिनी ट्यूबवेल के निर्माण, 120 लाख की लागत से हरिपुर जमन सिंह पेयजल योजना, 78.31 लाख से ढाकाखेत-सड़ियाताल पेयजल योजना, एससीपी के अन्तर्गत 89 लाख की धनराशि से गेठिया पेयजल योजना के सोर्स आगुल्मेंटेशन कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन व जाॅच टीम द्वारा की जायेगी।

इसके साथ ही पेयजल निगम द्वारा राज्य सैक्टर एवं नाबार्ड योजना के अन्तर्गत 254.77 लाख से देवलचैड़ बन्दोबस्ती पेयजल योजना, 397.88 लाख से हरिपुर पूर्णानन्द पेयजल योजना, विकासखण्ड हल्द्वानी में मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत 751.30 लाख की लागत से 8 नलकूपों के निर्माण कार्य, 199.25 लाख से छड़ायल सुयाल (निलीयम काॅलोनी) पेयजल योजना कार्यो तथा 282.03 लाख से मिर्मित तल्ली बमोरी बन्दोबस्ती पेयजल योजना कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन जाॅच, मूल्यांकन किया जायेगा। उन्होंने जाॅच टीम को निर्देश दिए कि वे कार्यों का गहनता से भौतिक, वित्तीय सत्यापन एवं मूल्यांकन करते हुए अपनी जाॅच आख्या अतिशीघ्रता से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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सरकार को देनी हो कोई सलाह तो सीधे यहां करें संपर्क,त्रिवेंद्र सरकार की नयी पहल

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अब कोई भी व्यक्ति सीधे सरकार से सम्पर्क कर किसी भी विषय में अपने सुझाव दे सकता है। इसके लिए त्रिवेंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड के मेरी सरकार ( My Gov ) पोर्टल (www-uttarakhand-mygov-in ) का भी शुभारम्भ किया। बुधवार को सीएम ने इसका शुभारंभ किया। देहरादून में इंडिया ड्रोन फेस्टिवल-2.0 शुभारंभ के मौके पर विभाग को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ने एनटीआरओ के सहयोग से इस क्षेत्र में बहुत कम समय में काफी प्रगति की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा आज के तकनीकी युग में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो सकता है। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों में ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस तकनीक का इस्तेमाल कर अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इस प्रकार की नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए युवा अपने देश व प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ड्रोन व इससे सम्बन्धित तकनीकी शिक्षा से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे सरकार से सम्पर्क कर किसी भी विषय में अपने सुझाव दे सकता है। मुख्यमंत्री ने जीआईएस बेस्ड, ड्रोन मैपर साॅफ्टवेयर ‘DARC MAPPER का भी विमोचन किया। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से तैयार इस साॅफ्टवेयर के द्वारा फोटो को कैप्चर करने, 3डी माॅडल बनाने एंव डाटा विश्लेषण करने में किया जा सकेगा।

सचिव आर.के. सुधांशू ने कहा कि इण्डिया ड्रोन फेस्टिवल 2.0 को प्रदेश के 13 जनपदों के 1500 स्कूल एवं लगभग 2 लाख बच्चे इस कार्यक्रम से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने ड्रोन की उपयोगिता को समझाते हुए कहा कि यह प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में आपातकालीन परिस्थितियों में काफी सहायक सिद्ध होगा।

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इन विभागों के लिए मुख्य सचिव ने बजट जारी करने का दिया निर्देश

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बुधवार को सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्ध समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन शैलेश बगोली को सड़क सुरक्षा कोष के अन्तर्गत परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग एवं शिक्षा के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों से प्रस्ताव लेकर तदानुसार बजट स्वीकृति कराने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने वर्ष 2017-18 एवं वर्ष 2018-19 के तहत कोष से स्वीकृत धनराशि के अन्तर्गत किये गये भौतिक कार्यो की समीक्षा की तथा शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित चित्रांकन प्रशिक्षण कार्यशाला हेतु स्वीकृत 7.23 लाख रूपये शीघ्र जारी करने के निर्देश दिये। अपर निदेशक शिक्षा द्वारा बताया गया कि स्वीकृत योजनानुसार शिक्षा विभाग द्वारा अपने संसाधन से अब तक प्रशिक्षण कार्य आरम्भ किया जा रहा है।

मुख्य सचिव द्वारा घनशाली-तिलबाड़ा मोटर मार्ग (राजमार्ग सं015) कि0मी0 19 से 51 कि0मी0 के मध्य संभावित दुर्घटना क्षेत्रों में क्रैश बैरियर व पैराफिट लगाने के 68.14 लाख लागत के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई। ज्ञातव्य है कि यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल है।

इसी क्रम में मुख्य सचिव ने 8.86 लाख की लागत के जनपद चम्पावत के लोहाघाट-बाड़ाकोट-सिमलखेत-काफलीखान-भनौली मोटर मार्ग (राज्य मार्ग 57) में सड़क सुरक्षा के उपायों के कार्य को भी स्वीकृति दी। सड़क सुरक्षा मद से स्वीकृत इन दोनों योजनाओं को समयबद्धता एवं गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने नोडल अधिकारी रोड सेफ्टी सेल, लोनिवि को दिये।

मुख्य सचिव ने वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के लिये परिवहन विभाग को स्वीकृत 4 करोड़ 49 लाख, पुलिस विभाग को स्वीकृत 6 करोड़ 6 लाख, लोक निर्माण विभाग को स्वीकृत 2 करोड़ 25 लाख की भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए द्रुतगति से प्रस्तावित कार्यों को पूरा करने के निर्देश देते हुए आगामी वर्ष के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

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