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जि​लाधिकारी हो तो ऐसा-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत भी देते है इनकी मिसाल

उत्तराखंड में अधिकारीयों की युवा बिग्रेड के अधिकारी अपने काम काज से लोगों के दिलों में जगह बना रहे हैं। ऐसे ही एक अधिकारी है जो न केवल अपने कार्यशैली से लोगों को भा रहे है अपितु मुख्यमंत्री भी इनकी तारिफ करते नहीं थक रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे है नैनीताल के युवा जिलाधिकारी सविन बंसल की। उनके ही प्रयास से जनपद के वर्ग के व्यक्ति को उनका अधिकार मिल रहा हैं।

जनहित के कार्यों के प्रति सजग एवं तत्पर की बानगी देखिए कि जिलाधिकारी बंसल ने विगत जून में जब जिले के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला तो उन्होंने पाया कि जिले में केवल 70 वन पंचायतों में ही वन पंचायत सरपंच थे। शेष वन पंचायतों में निर्वाचन प्रक्रिया न होने के चलते 415 वन पंचायते बिना सरपंचो के निष्क्रिय पड़ी थी। वन पंचायतों के महत्व को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे तत्परता के साथ रिक्त पड़ी वन पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न कराये। जिलाधिकारी की पहल का यह असर हुआ कि चार महीने के अल्पकाल में ही जनपद की सभी 485 वन पंचायतों में सरपंचो का चुनाव सम्पन्न हुआ और सभी वन पंचायतों को निर्वाचित सरपंच मिल गये।

जिलाधिकारी की इस मेहनत और कार्यकुशलता को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उन्हें शाबासी दी है और कहा है कि उत्तराखण्ड के सभी जनपदों में नैनीताल की तर्ज पर निष्क्रिय वन पंचायतों में निर्वाचन कराकर वन पंचायतों को सक्रिय किया जायेगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि वन पंचायतों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल प्रारंभ कर दी गयी है। पिछले पांच साल से डम्प लीसा राॅयल्टी का भुगतान भी वन पंचायतों को नहीं किया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि लगभग वर्षों के बाद डम्प लीसा राॅयल्टी में से 20 लाख का भुगतान तीस वन पंचायतों के सरपंचो को किया गया। भविष्य में भी यह भुगतान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि वन पंचायतों को कार्यदायी संस्था के रूप में निर्माण कार्यों के लिए विधायक निधि, सांसद निधि, मनरेगा के माध्यम से कार्य आवंटित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि वन पंचायत सरपंच सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ ही सम्बन्धित क्षेत्रों के लोगो तक पहुॅचाने में सरकार व शासन की मदद करेंगे।

Mahaveer negi
written by: Mahaveer negi
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